संगीत सृष्टि की सबसे सुंदर अभिव्यक्ति है, लेकिन संगीत की यह सुंदरता तब तक अधूरी है
एक बेहतरीन गायक या वादक का होना जितना महत्वपूर्ण है, उससे कहीं अधिक महत्वपूर्ण एक सच्चे और गहरे संगीत श्रोता का होना है,
दुर्ग।कल शाम PKM स्टूडियो में श्रीधर रोककम जी की सोच और प्रयासों से हमारे ऐसे ही महान संगीत श्रोता रविन्द्र देवांगन के सम्मान में यह भव्य कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो कला और कलाकार दोनों के प्रति हमारी और आप सबकी गहरी कृतज्ञता को दर्शाता है,,,
इस विशेष कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य रविइंद्र देवांगन को सम्मानित करना था, जिन्होंने अपना पूरा समय PKM स्टूडियो में प्रतिदिन होने वाले संगीत आयोजन को सुनने, उसे समझने और कलाकारों को प्रोत्साहित करने में समर्पित रहते हैं,,,,
देवांगन को शॉल और स्मृतिचिन्ह के साथ उनके पसंद के 20 गीत प्रस्तुत किए गए,,,
यह कार्यक्रम केवल एक व्यक्ति का सम्मान नहीं है, बल्कि कला की समझ और गरिमा का सम्मान है, इस भव्य आयोजन ने यह साबित कर दिया कि जब तक दुनिया में संगीत को गहराई से सुनने और सराहने वाले ऐसे महान श्रोता मौजूद हैं, तब तक हमारी सांस्कृतिक विरासत और संगीत की विधा हमेशा जीवित और समृद्ध रहेगी,,,
एक संगीत श्रोता का स्थान कलाकार से कम नहीं होता, कलाकार अगर सुर बिखेरता है, तो श्रोता उसे अपने भीतर समेटता है।
इसमें भाग लेने वाले कलाकार थे, स्टूडियो के डायरेक्टर श्री प्रवीण मेश्राम जी, श्रीधर रोककम, कल्याण सोनी, डॉली मुंशी, पॉली घोष, मुनमुन सेनगुप्ता, आप सबकी बेहतरीन प्रस्तुतियों से कार्यक्रम बहुत शानदार और गरिमा से परिपूर्ण रहा।
