गांधी जी एवं शास्त्री जी की जयंती पर सियान जन कल्याण समिति द्वारा सभा का आयोजन
गांधी और शास्त्री जी भारत माता के अनमोल रत्न हैं*- -बलदाऊ राम साहू
दुर्ग/ सियान कल्याण समिति, पोटियाकलां द्वारा दिनांक 02 अक्टूबर 2026 की सायं केशरी नन्दन हनुमान मंदिर प्रांगण में वरिष्ठ सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति में राष्ट्रपिता महात्मा गांधी एवं भारत रत्न, पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी की जयंती मनाई गई।
कार्यक्रम में समिति के सदस्यों ने महात्मा गाँधी और लाल बहादुर शास्त्री के जीवनी पर अपने विचार रखें। वरिष्ठ सदस्य डाॅ मोहन सिंह ने कहा कि महात्मा गांधी ने सत्य, अहिंसा और सत्याग्रह जैसे विचारों से पूरी दुनिया को एक नई दिशा दिखाई। उनके विचार आज प्रासंगिक है। शिवबालक दास साहू ने कहा, भारत छोड़ो आंदोलन" और "दांडी यात्रा" तक, उनके आंदोलनों ने न केवल ब्रिटिश हुकूमत की नींव हिला दी , बल्कि जन - जन को आजादी के सूत्र में पिरोया। भारत के स्वतंत्रता आंदोलन में गांधी और शास्त्री के अवदानों को नहीं भूलाया जा सकता। अनील श्रीवास्तव ने पूर्व प्रधानमंत्री लाल बहादुर शास्त्री जी का व्यक्तित्व दृढ़ सकल्प और अपार सादगी का संगम बताया। वरिष्ठ सदस्य आर बी सिंह ने शास्त्री के सादगी का उल्लेख करते हुए कहा वर्ष 1965 के युद्ध के समय उनके द्वारा दिया गया "जय जवान जय किसान" का नारा आज देश के स्वाभिमान और आत्मनिर्भरता की अमर आवाज बन गया।
अध्यक्षीय उद्बोधन देते हुए बलदाऊ साहू ने कहा—महात्मा गांधी और लाल बहादुर शास्त्री जी भारत माता के अनमोल रत्न हैं, जिनका जीवन त्याग, सादगी और राष्ट्र-सेवा का सर्वोत्तम प्रतीक है।
गांधी जी ने दक्षिण अफ्रीका में रंगभेद के खिलाफ संघर्ष से लेकर भारत के " सादा जीवन उच्च विचार को उन्होंने अपने आचरण में उतार कर सादगी का अद्वितीय उदाहरण प्रस्तुत किया। वे जब देश में खाद्यान्न संकट आया तो उन्होंने देशवासियों से त्याग का आव्हान करने से पहले स्वयं अपने परिवार में एक समय का उपवास रखकर सादगी की मिसाल कायम की थी।
आज के समय में इन दोनों महान विभूतियों के आदर्श, देशभक्ति और सादगी पूर्ण जीवन मूल्य हम सभी के लिए प्रेरणादायक है। हम उन्हें नमन करते हैं।
कार्यक्रम का संचालन रामेश्वर निषाद तथा आभार सचिव राजेश यादव ने प्रदर्शन किया।
कार्यक्रम के अंत में हनुमान मंदिर प्रांगण में उपस्थित सभी वरिष्ठ सदस्यों ने महापुरुषों के चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की तथा उनके बताए सिद्धांतों को अपने दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया।
