भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिले से 18 हजार 400 छात्र शामिल हुए
भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में जिले से 18 हजार 400 छात्र शामिल हुए 3 अक्टूबर को संपूर्ण छत्तीसगढ़ से परीक्षा में 2 लाख 30 हजार छात्र इस वर्ष शामिल हुए
दुर्ग । गायत्री शक्तिपीठ भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा के जिला मुख्यालय में भारतीय संस्कृति ज्ञान परीक्षा में इस वर्ष 252 विद्यालयों से अठारह हजार 400 छात्र शामिल हुए, समिति के प्रभारी हिंछाराम साहू ने बताया की कक्षा छठवीं से 12वीं तक एवं महाविद्यालय को मिलाकर कुल आठ वर्गों के छात्रों को हर कक्षा की अलग अलग पुस्तक दी जाती है ।
परीक्षा का मूल उद्देश्य छात्रों को भारतीय संस्कृति एवं नैतिकता के मूल भूत तत्वों से जोड़ना है, जिसमें आयुर्वेदिक जड़ी बूटी, योगासन, खेल , महापुरुषों के जीवन दर्शन , विभिन्न धर्मो के सिद्धांत, आदि विषय होते हैं, परीक्षा OMR शीट पर ली जाती है तथा रिजल्ट जनवरी माह तक घोषित होता है छात्रों को राज्य स्तर पर ₹ 2500/-, 2000/- एवं 1500/-और जिला स्तर पर ₹ 500/- 400/- 300/- नगद पुरस्कार सहित विद्यालय स्तर एवं ब्लॉक स्तर पर भी प्रतीक चिन्ह एवं प्रमाण पत्र दिए जाते हैं।शामिल होने वाले प्रत्येक छात्र को प्रमाण पत्र दिया जाता है, जो प्लेसमेंट के दौरान इंटरव्यू कमेटी के लिए अत्यंत आकर्षक और सम्माननीय दस्तावेज सिद्ध हो रहे हैं ।
परीक्षा 1994 से करोना काल के दो वर्ष छोड़कर कुल 13 भाषाओं में एवं 22 राज्यों में निरंतर चल रही है गत वर्ष देश से 35 लाख छात्र शामिल हुए थे एवं छत्तीसगढ़ से 2 लाख 30 हजार छात्र इस वर्ष परीक्षा में शामिल हुए ।
परीक्षा हेतु प्रतिवर्ष छत्तीसगढ़ शासन के लोक शिक्षण संचालनालय रायपुर , उच्च शिक्षा आयोग अटल नगर रायपुर, केंद्रीय विद्यालय संगठन नई दिल्ली, नवोदय विद्यालय, आदि संस्थाओं से आदेश प्रतिवर्ष जारी होता है l
परीक्षा व्यवस्था के बेहतर संचालन के लिए समिति के आर एस देशमुख, एच एन योगी, धीरज लाल टॉक, अरुण वैद्य, अभय लाल धुर्वे, राज कुमार सिंह, आदि सदस्यों का सराहनीय योगदान मिलता है पाटन के एस आर बांधे, रामलाल पंडरिया, सहित विद्यालय महाविद्यालय के व्याख्याताओं शिक्षकों प्राचार्यों का तथा जिला शिक्षा अधिकारी का पूरा योगदान मिलता है।
