भारती विश्वविद्यालय : ‘रोल ऑफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर फ्रॉम क्राइम सीन टू चार्जशीट’ पर कार्यशाला
भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग मे फॉरेंसिक साइंस विभाग एवं आईक्यूएसी, के संयुक्त तत्वावधान में ‘रोल ऑफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर : फ्रॉम क्राइम सीन टू चार्जशीट’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया
*प्रेस विज्ञप्ति*
भारती विश्वविद्यालय : ‘रोल ऑफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर फ्रॉम क्राइम सीन टू चार्जशीट’ पर कार्यशाला *
दुर्ग। भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग मे फॉरेंसिक साइंस विभाग एवं आईक्यूएसी, के संयुक्त तत्वावधान में ‘रोल ऑफ इन्वेस्टिगेशन ऑफिसर : फ्रॉम क्राइम सीन टू चार्जशीट’ विषय पर कार्यशाला का आयोजन किया गया,जिसका उद्देश्य विद्यार्थियों को पुलिस विवेचना की व्यावहारिक प्रक्रिया, घटनास्थल से साक्ष्य संकलन, केस की जांच तथा चार्जशीट तैयार करने तक की पूरी प्रक्रिया से अवगत कराना था।
मुख्य वक्ता छत्तीसगढ़ पुलिस के वरिष्ठ अधिकारी श्री राकेश खुटेश्वर जिन्हे विभिन्न जिलों मे कार्य करने का लंबा अनुभव है ,थे।उन्होंने विशेष रूप से अपने लंबे कार्यकाल मे पुलिस जांच और विवेचना के दौरान हासिल किए कार्यानुभवो एवं महत्वपूर्ण व्यवहारिक पहलुओ को विद्यार्थियो के साथ साझा किया ,उन्होने विद्यार्थियों को हत्या, बलात्कार, फांसी, आत्महत्या जैसे विभिन्न आपराधिक मामलों की जांच प्रक्रिया के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि किसी भी आपराधिक मामले की जांच में घटनास्थल का निरीक्षण, साक्ष्यों का वैज्ञानिक तरीके से संकलन, प्रत्यक्ष एवं परिस्थितिजन्य साक्ष्यों का परीक्षण, गवाहों के बयान तथा प्रत्येक तथ्य का दस्तावेजीकरण महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है साथ ही यह भी समझाया कि एक जांच अधिकारी किस प्रकार घटनास्थल से प्राप्त साक्ष्यों को जोड़ते हुए मामले को चार्जशीट तक पहुंचाता है।
कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय के उपकुलपति डॉ. आलोक भट्ट ने अतिथि वक्ता का शॉल एवं स्मृति-चिह्न भेंट कर सम्मान किया , कार्यक्रम का संयोजन फॉरेंसिक साइंस विभाग के विभागाध्यक्ष श्री जयंत बारीक ने सहायक प्राध्यापक श्री सूरज कुमार, सुश्री एलिसिया रेचल एलेक्स, सुश्री निकिता साहू, सुश्री भूमिका सिन्हा एवं सुश्री अश्विनी तायडे के सहयोग से किया। कार्यक्रम में फॉरेंसिक साइंस एवं विधि संकाय के विद्यार्थियों के साथ विश्वविद्यालय के वरिष्ठ संकाय सदस्य उपस्थित रहे, धन्यवाद प्रस्ताव डीन अकादमिक डॉ. अजय कुमार सिंह ने पारित किया।
