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पदोन्नति में देरी पर शिक्षकों का आंदोलन तेज, 6 अक्टूबर को सत्याग्रह; अरुण वोरा ने सरकार से कहा—अब तो ध्यान दीजिए

आंदोलन को वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने अपना समर्थन दिया

Pradesh Prahari
05 Oct 2026 06:10 PM
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दुर्ग। शिक्षक कल्याण संघ छत्तीसगढ़ द्वारा शिक्षकों की लंबित पदोन्नति की मांग को लेकर 5 अक्टूबर को पदोन्नति स्मरण यात्रा निकाली गई। इसके बाद 6 अक्टूबर को दुर्ग साइंस कॉलेज के सामने निर्धारित धरना स्थल पर पदोन्नति सत्याग्रह आयोजित किया जाएगा। इस आंदोलन को वरिष्ठ कांग्रेस नेता एवं पूर्व विधायक अरुण वोरा ने अपना समर्थन दिया।

शिक्षक कल्याण संघ का कहना है कि शिक्षा विभाग में शिक्षकों की पदोन्नति से संबंधित प्रस्ताव तैयार होकर प्रस्तुत किए जाने के बावजूद पिछले चार महीनों से पदोन्नति की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाई है। संघ के अनुसार, पदोन्नति का मामला शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक (JD) स्तर पर लंबित है।

इस संबंध में अरुण वोरा ने संयुक्त संचालक (JD) से चर्चा कर शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया की जानकारी ली। चर्चा के दौरान पदोन्नति प्रक्रिया को 15 अगस्त तक पूरा किए जाने की बात सामने आई थी, लेकिन निर्धारित समय बीत जाने के बाद भी अब तक पदोन्नति आदेश जारी नहीं हो सके हैं।

पदोन्नति स्मरण यात्रा के दौरान शिक्षकों ने शासन-प्रशासन से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को शीघ्र पूरा कर पदोन्नति आदेश जारी करने की मांग की। संघ का कहना है कि लंबे समय से पदोन्नति की प्रतीक्षा कर रहे शिक्षकों में निराशा है।

इस अवसर पर अरुण वोरा ने शिक्षक कल्याण संघ की मांगों का समर्थन करते हुए कहा कि जब पदोन्नति संबंधी प्रस्ताव तैयार होकर प्रस्तुत हो चुका है और 15 अगस्त तक प्रक्रिया पूरी करने की बात कही गई थी, तो इसके बाद भी चार माह तक मामला लंबित रहना गंभीर विषय है। सरकार और शिक्षा विभाग को इस मामले में अब तत्काल ध्यान देना चाहिए।

उन्होंने कहा कि शिक्षक शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। उन्हें अपने हक की पदोन्नति के लिए महीनों तक इंतजार करना पड़े, यह उचित नहीं है। सरकार को शिक्षकों की मांग को गंभीरता से लेते हुए लंबित प्रक्रिया पर तत्काल निर्णय लेना चाहिए।

अरुण वोरा ने शासन एवं शिक्षा विभाग से मांग की कि चार माह से लंबित पदोन्नति प्रक्रिया को बिना और विलंब किए पूरा कर पात्र शिक्षकों के पदोन्नति आदेश जारी किए जाएं। उन्होंने कहा कि आश्वासन और समय-सीमा बीतने के बाद भी यदि आदेश जारी नहीं होते हैं, तो शिक्षकों के बीच स्वाभाविक रूप से असंतोष पैदा होता है।

उन्होंने शिक्षक कल्याण संघ के 6 अक्टूबर को दुर्ग साइंस कॉलेज के सामने धरना स्थल पर प्रस्तावित पदोन्नति सत्याग्रह को समर्थन देते हुए कहा कि शिक्षकों की जायज मांगों पर सरकार को संवेदनशीलता के साथ तत्काल सकारात्मक पहल करनी चाहिए।